Urmul Jyoti Sansthan

developing rural india - The participatory way

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What we do

Despite pursuing our goals in our major areas of work,
we are not unmindful of other problems confronting our society.

Adolescent Girls’ Education including vocational training ( Female literacy)

Urmul Jyoti Sansthan is also recognizing through its adolescent girls education and their vocational training. We are running Balika Shivirs(Residential Girls` Education/vocational training Camps) at Mukam, Nokha.In this activity enrolled children in the age group 9 to 18 years particularly those from remote areas and with no schools nearby and those belonging to the poor and deprived sections of the society.Most of these girls have never been to a school-now too old for admission in a government school and some are dropouts. In a short span of 6 to 7 months they are readied or coaching add so that they pass out 5th, 8th,10th and 12th exam. After this education we also run vocational training for those girls who cannot continue their education. Through this activity more than 15000 adolescent girls directly benefited and build a strong environment in the favor of female literacy.

Initially we started this type residential girls education camps for class 5th only but now our continue efforts and upgrade government schools up to 12th class in every Gram Panchayat we have no need for primary section girls education camps and we are only running this activities for above 10th class adolescent girls through coaching. However there are those who are unable to pursue education for various familial reasons and return home. It has surfaced that one reason is the lack of middle schools and lack of female teachers in the villages. These and other such girls are then provided with the opportunity to attend another camp, this time to sit for their Class 10th and 12th exams. These camps are similar to the earlier camps. The Camps have also commenced coaching classes for girls wanting to sit for their Class 10th and 12th board exams. Being a matriculate can change a lot in the life of an ordinary rural woman. Trained female teachers live with the girls in the camp. We are also running residential vocational training camps for those girls who cannot continue their education further due to social and family problems like early edge marriage, distances from school and other reasons.

Up to today we got


  • 65 Shivers (Camps) have been conducted till the year end 2016-17.
  • More than  3510 girls have passed out 5th class through these adolescent Girls residential camps from 1999 to March 2017
  • 45% girls passing Class V have been enrolled in government schools
  • Through coaching camps more than 480 girls have passed out class 8th and 673 girls have passed out class 10th,12th and graduation up to March 2017.
  • 1446 girls have been enabled with vocational training since 2003 in sewing,soap making,Self Help Groups accounting and in other trades. 
  • These camps have an outreach in over 80 villages.
  • More than 90% of the girls sitting for Class V exams have passed
  • Pass rate for girls sitting for Class VIII exams is over 70 %
  • Pass rate for girls sitting for class 10th and 12th is over 90%.

Ballika Manch / Girls’ Forum

A platform outside the camp where in the Balika Shivir pass outs and other government  school girls share and spread their knowledge and experience among other illiterate girls in the community .This Girl’s Forum is another innovation of UJS in its female literacy campaign and today has a presence in more 60 villages with government Senior higher Secondary School. It also paved the way for setting up of a residential camp for girls wanting to pass through Class 10th and 12th. These Ballika Manchs meet monthly or by monthly and through them domestic,social,women health,education related problem,personal hygiene issues are discussed, shared and efforts made at resolving them. Health education is a priority and so is encouraging other village girls to get enrolled in schools or the shivirs. The Ballika Manch, further to consolidate their position, hold annual camps or Samagam lasting four days at block level and for one day at village level ,during which various subjects are discussed and information disseminated including on

  • Girl’s education and women’s health.
  • Government  schemes information related to women and girls.
  • Child rights and laws including those regarding violence against women
  • Personal health and hygiene
  • Women participation in PRIs
  • Vocational training and higher education.

Besides there are fun programs such as plays, sports, songs, film screening etc. Enabling the girls with income generating skills is not ignored. The Shivirs have taken care to incorporate vocational training, mainly comprising of sewing, in the curricula. Started from 2003, two camps of 50 days each are having 50 girls held each year to enable the girls generate some income for themselves. 

For above activities parents contribute some cash or in kind  like wheat, rice, vegetables, milk, curd etc., for the education of their child to help meet the costs of the camp.  The contribution gives them assent of ownership, participation and enables them to demand quality services.

Through All activities since 1999 to March 2017 more than 15,000 girls are benefited directly and build a strong environment in favor of female education.   

Views and News

ज्योति नेत्र चिकित्सालय नोखा में आंखों से पीड़ित बीमारों की भीड़ बढ रही है।
रविवार 29.10.2017 - 95 सर्जरी
बुधवार 2.11.2017   - 58 सर्जरी
रविवार 5.11.2017   - 66 सर्जरी
            आठ दिन में 219 सर्जरी

कल दिनांक 28.10.2017 को सुथार चेरिटेबल ट्रष्ट के सहयोग से उरमूल ज्योति संस्थान खींवसर, नागौर में आंख जांच शिविर लगा रहा है।

सूचना के अधिकार कानून पर 5 वंा राष्ट्रीय सम्मेलन 14 से 16 अक्टुबर 2017 को उत्तकल मंडप, सचिवालय रोड़, भुवनेश्वर, उड़ीसा में आयोजित हुआ।
आमजन व जनआंदोलनों के लम्बे संघर्ष के बाद 12 अक्टुबर 2005 को हमारे देश में अगं्रेजों के समय से चला आ रहा सरकारी कार्यालयों, फाइलों, दस्तावेजों को लेकर गोपनीयता का कानून समाप्त कर, सूचना का अधिकार कानून लागू हुआ। यह जनआंदोलनों के साझे प्रयास की पहली और बड़ी कानूनी जीत थी। तब से इस संघर्ष में शामिल भ्रष्टाचार के खिलाफ, पारदर्शिता की लड़ाई लड़ने वाले सभी जनसंगठन, एक्टिविस्ट हर दूसरे साल इस कानून को अनुभवों को लेकर राष्ट्रीय समम्ेलन करते आये है। इस बार यह सम्मेलन उत्तकल मंडल भुवनेश्वर में आयोजित हुआ जिसमें 23 राज्यों के 100 से ज्यादा जनसंगठनों के 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बीकानेर से उरमूल ज्योति संस्थान के आर.टी.आई एक्टिविस्ट व वरिष्ठ साथी रावतराम व हेमाराम ने भाग लिया और अपने अनुभव देश के विभिन्न भागों से आये साथियों के साथ बांटे।

आंख जांच शिविर में आमंत्रण खींवसर 28 अक्टुबर 2017

सुथार चेरीटेबल ट्रस्ट, सूरत के सहयोग से उरमूल ज्योति संस्थान की टीम द्वारा 14वें आंख जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन इस बार 28 अक्टुबर शनिवार को नागौर जिले के खींवसर गांव में आयोजित किया जा रहा है।

आंख, दांत जांच एवं उपचार के साथ रक्तदान भी होगा।

उरमूल ज्योति संस्थान नोखा द्वारा संचालित ज्योति नेत्र चिकत्सालय की टीम द्वारा यह यात्रा सुथारों की ढाणी अलाय से शुरू होकर पिछले साल सुवाप जोधपुर होते हुए अब तक 6000 से ज्यादा लोगों की आंखे जांच कर 500 लोगों की नेत्र सर्जरी करवाकर लोगो को दुबारा दुनिया दिखाने का कार्य किया जा चुका है। हर केम्प में औसत 200 लोगों को चश्मा उपलब्ध करवाई जाती है और जरूरतमंद लोगो को ज्योति नेत्र चिकित्सालय ले जाकर लैंस प्रत्यारोपण कर सर्जरी करते है जिसमे अब तक 100 प्रतिशत सफल रिजल्ट रहे है। इस ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष एक षिविर अलाय में रातड़ी फांटे पर स्थाई रूप से माह जनवरी में लगाया जाता रहा है।

सुथार युवाओं की इस टीम में काम करने का जब्बा देखते ही बनता है। इस ट्रस्ट ने नागौर व बीकानेर ग्रामीण क्षेत्र में पीपल लगाने का अभियान चलाया है जिसमें अब तक 2500 से ज्यादा पीपल के पेड़ लगाये जा चुके है। ये युवा इन सारे कार्यो का खर्च स्वयं आपसी सहयोग से उठाते है। 

इस बार दीपावली के बाद 28 अक्टुबर को खींवसर गांव में विशाल आंख जांच एवं उपचार शिविर आयोजित हो रहा है जिसमें पूरे क्षेत्र के आंखो की बिमारी से पीड़ित लोग लाभ उठायेगें और मौके पर चश्मा के नम्बर जांच कर निशुल्क चश्मे दिये जायेगें एवं जिन लोगों के आंखों में ओपरेसन की जरूरत होगी उनको खीवंसर से नोखा ज्योति नेत्र चिकत्सालय ले जाकर लेंस प्रत्यारोपण कर सर्जरी की जायेगी। इस शिविर में डाण् पीण्आरण् सुथार द्वारा दांतों के बिमारो का उपचार किया जायेगा एवं हर बार की तरह रक्तदान भी किया जायेगा।

मै मोहनजी की टीम के सभी सुथार चेरिटेबल ट्रस्ट के युवाओं को सलाम करता हंू और खींवसर के आस.पास के आंखों एवं दांत की बिमारी से पीड़ित लोगों को इस शिविर में आमंत्रित करता हंूूं ।

चेतनराम गोदारा

उरमूल ज्योति संस्थानए नोखाए बीकानेर

9414147095, 9587616360

आज उरमूल ज्योति संस्थान द्वारा संचालित ज्योति नेत्र चिकत्सालय की फिल्ट यूनिट द्वारा नोखा तहसील के थावरिया एवं मेनसर गांवों में आंख जांच, उपचार एवं परामर्श शिविर आयोजित किये जा रहे है। यह अच्छा मौका है जिनको कम या बिल्कुल दिखाई नहीं देता वो केम्प में आकर अपनी आंखे जांच करवाये। 

दुबारा दिखाने के प्रयास में चष्मा पहनने या फिर लेंस प्रत्यारोपण कर ओपरेसन करने की सलाह दी जायेगी। चष्मा तो मोैके पर ही मिल जायेगी परन्तु ओपरेसन के लिए बुधवार या रविवार को सुविधानुसार नोखा ज्योति नेत्र चिकित्सालय आना पड़ेगा।

आज दूसरी अच्छी एवं प्रभावी गतिविधि उरमूल सेतू संस्थान द्वारा लूणकरनसर ब्लोक में की जा रही है जंहा दो ग्राम पंचायतों में अन्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर वर्तमान सरपंच  दो बालिकाओं को पंचायत में सरपंच पद का एक दिन का जिम्मा देगें और ये बालिकाएं एक दिन पंचायत सरपंच रहकर गांव विकास में अपनी भागीदरी निभायेगी।गांव की समस्याएं सुनेगी एवं समाधान करने का प्रयास करेगी। बालिकाओं के लिए यह सुःखद एवं यादगार अवसर होगा।

अच्छा  अनुभव
मुझे उरमूल सेतू संस्थान लूणकरनसर द्वारा आयोजित दो दिवसीय अन्राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिला। यह कार्यक्रम सागर होटल बीकानेर में 10 और 11 अक्टुबर 2017 को आयोजित किया गया जिसमें पूरे जिसे की 170 से ज्यादा बालिकाओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में बालिकाओं ने खेलए नाटकए भाषण प्रस्तूतीकरणए आपसी मिलनए आदि कई गतिविधियों में भाग लिया। बालिकओं ने अपने अनुभव सबके साथ बांटे। हमारी भाषा में सफलता की कहानियां सुनाई।
सबसे प्रभावी गतिविधि टेकओवर कार्यक्रम रहा जिसमें दो बालिकाओं ने एक दिन के लिए मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला षिक्षा अधिकारी प्राण्षिण् बीकानेर का कार्य ग्रहण कर जनसुनवाई की और स्पष्ट आदेष व निर्देषा दिये। ऐसा लग रहा था कि ये बालिकाएं इन पदों पर लम्बे समय से काम कर रही है। इन बालिकाओं द्वारा जनसुनवाई का अन्दाज बहुत ही प्रभावित करने वाला था।
ये दो दिन बालिकाओं के साथ. साथ कार्यकर्ताओं के लिए भी काफी सीखने वाले थे। इस पूरे कार्यक्रम में उरमूल सेतू संस्थान के साथ प्लान इंडिया का सहयोग रहा और बीकानेर के कई विभागों से अधिकारियों ने यहां आकर बालिकाओं को जानकारी दी।
संस्था कार्मिको ने रात.दिन लगकर बहुत मेहनत की और इन बालिकाओं को यहां तक सुरक्षित लानेए ले जाने एवं सीखने सीखानेए खाने व आवास की अच्छी व्यवस्था की। मैं सभी संस्थान कार्मिको को एवं सहयोगियों को संस्थान की प्रबन्धन कमेठी की तरफ से धन्यवाद एवं शुभकामनाएं देता हूं।

चेतनराम गोदारा
सदस्य प्रबन्धन कमेठी
उरमूल सेतू संस्थानए लूणकरनसर


National level RTI Munch meeting will be held in Bhuvnesavar Udisa on 14 Oct. to 16 Oct. 2017, Rawatram or Hemaram join meeting from Urmul Jyoti Sansthan. 

A day in the Girl's camp

Time Period Activity